Thursday, December 17, 2009
चौराहा सभी चर्चाओँ का केँद्रबिँदु! चौपाल का जमाना लद गया, आधुनिकता की दौड. मे चौराहोँ का विकास ग्रामीण आर्थिक केँद्र के रुप मेँ हुआ है। आने वाले समय मेँ ग्रामीण विकास मेँ इनकी भूमिका और महत्वपूर्ण होने वाली है। सामाजिक स्तर पर भी चौराहा एक ऐसा बिँदु है जहाँ ग्रामीण समस्याओँ से शुरु होकर देश विदेश की समस्याओँ पर चर्चा तथा समाधान होता है। इन चौराहोँ पर आपको ऐसे कई प्राणी मिल जायेँगे जो अपना सम्पूर्ण जीवन समस्याओँ पर चर्चा और इनके समाधान के लिए न्योछावर कर दिया है। एक चौराहा प्रायः 8 से 10 गाँवोँ का प्रतिनिधित्व करता है। इन गाँवो की किसी महत्वपूर्ण घटना की जानकारी चाहिए चौराहे पर जाइये।
Wednesday, December 16, 2009
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